Friday, 26 January 2018

26 Januray, The Reality

                                       गणतंत्र दिवस 


आज भारत माता की जय कहती हुए निकली एक टोली
सभी समूह में चल रहे थे लेकर सूरत भोली
आवाज में उमंग थी चेहरों में थी मुस्कान
सामने लहरा रही थी हमारे तिरंगे की शान .
लग गया जमघट, भारत माँ की जय जयकार हुई
युवाओं के हौसलों के आगे, ठण्ड और कोहरे की हार हुई
सभा हुई ख़त्म, सभी लोग वापस लौट के चले आये
पीछे उनको पुकारते रह गए , उनके देशभक्ति के साये
पास में ही ठिठुरता हुआ एक जानवर पर किसी का न गया ध्यान
ऊपर तिरंगा देख रहा था, गिरते हुए अपनी शान
अचानक से कहीं से १० साल का एक बच्चा आया
उसे ठिठुरते हुए देख, वह खुद को रोक न पाया
हाथों में रखा तिरंगा उसने उस जानवर को ओढ़ाया
अपनी सच्चे भारत को देखकर, ऊपर से तिरंगा भी मुस्कुराया
अरे देश के युवा, अपने इस मुँह से भारत माता की जय मत बोल
हमेशा जेबों को देखता है, आज अपनी आत्मा को भी टटोल
अपने शहीदों के आदर्शों को जीवन में शिरोधार्य कर
ये भारत माँ तुझ पर अपना सपूत होने का गर्व करे,
कुछ तो ऐसा कार्य कर, कुछ तो ऐसा कार्य कर


                                                        जय हिन्द जय भारत